जानिए : मोदी के भाषण की वो बातें जो कांग्रेस को बहुत चुभेंगी

पीएम नरेंद्र मोदी ने देश के नाम इस कार्यकाल का अपना आखिरी संबोधन लोकसभा से दिया. और मोदी इस दौरान पूरे फॉर्म में दिखे. कांग्रेस को जमके घेरा. 55 साल वर्सेज 55 महीने की बात की. वो क्या-क्या बोले. देख लीजिए –

# सबसे पहले मोदी जी ने एडी और बीसी की नई परिभाषा दी. बीसी को बिफोर कांग्रेस कहा और एडी को आफ्टर डाइनैस्टी. माने कांग्रेस के पहले क्या हुआ और इस परिवार के बाद क्या हुआ. वो बोले कांग्रेस मानता है कि कांग्रेस के पहले देश में कुछ था ही नहीं. और सब उसकी डाइनैस्टी के आने के बाद हुआ.

# बीजेपी पर संवैधानिक संस्थाओं के साथ खिलवाड़ करने के आरोप पर मोदी बोले-


चुनाव आयोग की तारीफ करते हुए मोदी ने कहा ‘यह विश्व में गौरव का केंद्र है.’

उल्टा चोर कोतवाल को डांटे. देश में इमरजेंसी लगाई कांग्रेस ने, सेना को अपमानित किया आपने, जनरल को गुंडा कहा आपने. चुनाव आयोग विश्व के लिए गौरव का केंद्र है. क्या आप उसको भी बर्बाद करके रहेंगे. आप इतने क्यों डरे हुए हैं कि आप ईवीएम को लगातार गलत बता रहे हैं. न्यायपालिका का निर्णय अच्छा हो, बुरा हो. हम उसका सम्मान करते हैं. आप महाभियोग के लिए धमकाते हैं. आपने योजना आयोग को जोकरों का समूह कहा था. 356 का दुरुपयोग आपने 100 बार से ज्यादा किया. इंदिरा गांधी ने अकेले 50 बार चुनी हुई सरकारों को गिराया. 59 में नेहरू जब प्रधानमंत्री थे. इंदिरा अध्यक्ष थीं. वो केरल गईं और लौटकर आईं और केरल की सरकार गिरा दी. आपने एनटीआर के साथ क्या किया, आपने एमजीआर के साथ क्या किया. आपने कैबिनेट के डिसीजन फाड़ दिए. आप कौन सी संस्थाओं के सम्मान की बात करते हैं. मोदी पर उंगली उठाने से पहले आपको सोचना चाहिए कि चार उंगली आपकी तरफ हैं. दरअसल ये पचा नहीं पा रहे कि एक गरीब आदमी दिल्ली कैसे पहुंच गया.

# पीएम मोदी ने एक नया मंत्र दिया. 55 साल वर्सेज 55 महीने. इसके बाद उन्होंने अपने काम गिनाए. बोले- हमारे 55 महीने में 10 करोड़ से ज्यादा शौचालय बने. जो लोग कहते हैं अमीरों की सरकार है. तो ठीक है मैंने 10 करोड़ अमीरों के लिए शौचालय बनाए. यही लोग हमारे लिए अमीर हैं. 55 साल में गैस कनेक्शन सिर्फ 11 करोड़. 55 महीने में 13 करोड़ कनेक्शन दिए. उसमें 6 करोड़ उज्जवला. खाते शत-प्रतिशत खुल गए हैं. कांग्रेस चाहती तो पहले दो दशक में हर गांव में बिजली होती. इसके लिए मुझे आना पड़ा. 55 महीने में मैंने हर गांव में पहुंचा दी. हमने 2.5 करोड़ परिवारों को बिजली पहुंचाई. आने वाले दिनों में शत-प्रतिशत ये काम होगा. आपने मैनिफेस्टों में जबकि हर बार तीन साल में हर घर में बिजली पहुंचाने का वादा किया था.

जनता ने पूर्ण बहुमत वाली सरकार सुनी. देश ने देखा है कि पूर्ण बहुमत वाली सरकार कैसे काम कर सकती है. अब तो ये महा मिलावट वाली सरकार की बात कर रहे हैं. जनता सब जानती है. (ये बोलना था कि विपक्ष ने शोर मचाना शुरू कर दिया.) देश मिलावट से दूर रहेगा. आपने घोषणा पत्र में कहा कि हर पंचायत को हम ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ेंगे. जब हम आए तो हमने 59 फीसदी गांवों में ऑप्टिकल फाइबर के जरिए डिजिटल इंडिया वाली स्कीम पहुंचाई. 1 लाख 16 हजार गांवों में ब्रॉडबैंड कनेक्शन पहुंचाया.

# कांग्रेस पर बरस रहे मोदी नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे पर भी जमके बरसे. बोले – खड़गे जी को सर्वेश्रर दयाल सक्सेना की कविता में जिस्म वाली लाइन पसंद आई. उन्होंने अगर अपने इतिहास को देखा होता तो वो इस कविता की ये लाइनें पढ़ते –

जब कभी झूठ की बस्ती में सच को तड़पते देखा है
तब मैंने अपने भीतर किसी बच्चे को सिसकते देखा है…

अगर संवेदना बची होती तो वो कहते –

अपने घर की चाहरदीवारी में अब लिहाफ में भी सिरहन होती है
जिस दिन से किसी को गुर्बत में सड़कों पर ठिठुरते देखा है…

# खड़गे के बाद मोदी जी एक बार फिरकांग्रेस के 55 साल पर लौटे. बोले – मैं 21वीं सदी के मतदाताओं को याद दिलाना चाहूंगा कि किस नीयत से 55 साल राज चला. कॉमनवेल्थ गेम्स में खिलाड़ी पदक जीतने के लिए मेहनत कर रहे थे तो ये अपने को जिताने में लगे थे. 2जी स्पेक्ट्रम में भी ये अपना और अपनों का फायदा देते रहे. हमारी नीयत थी कि लोगों को सस्ता फोन मिले. इसलिए हमने ईमानदारी से स्पेक्ट्रम बांटा. पहले फोन बैंकिंग चलती थी. नामदार के फोन से पैसे बंटते थे. अब दिक्कत हो रही है, जब नाम सामने आ रहे हैं. 2006 तक बैंकों ने 18 लाख करोड़ का कर्ज दिया. 2006 से 2014 के बीच 6 साल में इन्होंने 18 लाख करोड़ को बढ़ाकर 52 लाख करोड़ कर दिया.

# इस पर विपक्ष ने बकायदारों के विदेश भागने के नारे लगाए तो मोदी बोले – जो भाग गए हैं, वो ट्विटर पर रो रहे हैं. कि मैंने 9 हजार करोड़ रुपये लिए थे. मोदी ने मेरे 13 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति ले ली.

# एक बार फिर मोदी अपने काम की बात करने पर लौटे. बोले – मुद्रा योजना से हमने 7 लाख करोड़ रुपये दिए. उन लोगों को दिए जिनके पास गारंटी देने की व्यवस्था नहीं थी. उन्होंने रोजगार खड़ा किया.

# मोदी बोले – जब सर्जिकल स्ट्राइक की बात आई तो कांग्रेस ने कहा कि हमारे समय भी स्ट्राइक हुई. उस समय सेना को आपने इस लायक ही नहीं छोड़ा था कि सेना में कोई ऐसा निर्णय ले. सेना के पास न बुलट प्रूफ जैकेट थे, न कैमरे थे, न जूते थे. युद्ध का समान तो छोड़िए. सेना ने 1 लाख से ज्यादा बुलेट प्रूफ जैकेट मांगी थीं. इन्होंने नहीं दी. हमने 2018 तक पूरी 1 लाख 86 हजार जैकेटें पहुंचा दी हैं. हमने 83 तेजस विमान खरीदने को स्वीकृति दी. जवानों के लिए इतनी संवेदनहीनता क्यों. कांग्रेस ने 10 साल सेना की आवश्यकताओं को नजरअंदाज किया. सेना का आधुनिकीकरण होना चाहिए. क्या कारण है कि सेना को एक भी हाइटेक जेट नहीं मिला पिछले 30 सालों में.


कांग्रेस को घेरते हुए मोदी ने कहा ‘इतिहास गवाह है कि कांग्रेस पार्टी रक्षा सौदों में बिना दलाली के काम कर ही नहीं सकती.’

# मोदी राफेल पर भी बोले. कहा – राफेल पर निर्मला जी ने सारे जवाब दिए. कोर्ट ने भी क्लीन चिट दी. आप चाहते नहीं कि राफेल सौदा हो. आप किस कंपनी को ये प्रोजेक्ट दिलाना चाहते हो. आप सेना को मजबूत ही नहीं होने देना चाहते. इतिहास गवाह है कि कांग्रेस पार्टी रक्षा सौदों में बिना दलाली के काम कर ही नहीं सकते. मैं सोचता था कि रफायल को लेकर वो इतने कॉन्फिडेंस से झूठ कैसे बोलते हैं. तो वो मान के चलते हैं कि पिछले 55 सालों में बिना दलाली कोई सौदा हुआ ही नहीं तो ये कैसे हुआ होगा. हमने जब ईमानदारी से वायुसेना को मजबूत करने का काम किया तो ये कांग्रेस वाले बौखला गए.

# मोदी भ्रष्टाचार पर भी बोले. कहा- आपकी चिंता ये कि हम कैसे आपके राजदार पकड़कर ले आए. चिट्ठियां पकड़ाई जाती हैं. आपकी चिंता हम समझते हैं. काले धन की बात है तो हम आज भी उस पर जीरो टॉलरेंस रखते हैं. हर कोई चाहता है कि भ्रष्टाचार खत्म हो. पर सबके पैर फंसे हुए थे इसलिए कुछ नहीं कर पा रहे थे. हमपे किसी का कोई एहसान नहीं है. इसीलिए हम जी जान से इसे मिटा रहे हैं. 8 करोड़ लोग जो दलाली लेते थे, वो आधार के जरिए बाहर कर दिए गए. बेनामी संपत्ति का कानून अटका पड़ा था. हमने किया जिससे बेनामी संपत्तियां जब्त हो रही हैं. प्रॉपर्टियां निकल रही हैं. वो भी कहां-कहां. कैसे-कैसे. किसके लिए. इसलिए परेशान होना स्वाभाविक है. पर हम जो संकल्प लेकर चले हैं, हम उसमें रुकेंगे नहीं.

# फिर मोदी नोटबंदी बोले. कहा – नोटबंदी से परेशान हैं ये लोग. 3 लाख फर्जी कंपनियां बंद हो गईं. 3 लाख करोड़ रुपये वापस आए. हमने देश की कई संस्थाओं को चिट्ठी भेजी. आपको विदेश से धन मिलता है, उसका हिसाब दीजिए. आप हैरान होंगे कि इस देश में 20 हजार से ज्यादा संगठनों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं. ये देश को बर्बाद कर रही थीं. चारों तरफ से गाली-गलौज सुनने को मिलती हैं. इसका कारण यही है.

# गुजरात में सरदार सरोवर डैम का पंडित नेहरू जी ने शिलान्यास किया था और अभी मैंने उसका उद्धाटन किया. इसे रोका किसे, विदेशी धन से खेलने वाले एनजीओ. किसी ने रोका नहीं इनको.मुख्य न्यायाधीष को घेरे में लेना, रिजर्व बैंक का अपमान करना, चुनाव आयोग, सीबीआई, लोकतंत्र का अपमान करना. ये सब सत्ता भोग के कारण आपके अंदर आईं बिमारियां हैं. महात्मा गांधी इसे बहुत पहले समझ गए थे. कांग्रेस मुक्त भारत गांधी जी का सपना था. हम उसे करके रहेंगे.

अटल जी को मुझसे ज्यादा बहुमत मिला होता तो देश कहां से कहां पहुंच गया था. आज आपके पास जो आए हैं, वो कल हमारे पास भी आए थे. फिर धोखा दिया. आप करते रहो ये महामिलावट.

# मोदी बोले-बाबा साहब अंबेडकर का उल्लेख हुआ. उन्होंने कहा था कि कांग्रेस में शामिल होना आत्महत्या करने के समान होगा. महंगाई को लेकर बातें हुईं. सच्चाई से परे. देश में दो गाने बहुत प्रसिद्ध हुए –

# बाकि कुछ बचा तो महंगाई मार गई…
# महंगाई डायन खाए जात है…

ये दोनों गीत किस कार्यकाल के हैं. पहला गाना जब आया तो इंदिरा जी की सरकार थी. दूसरा गाना तब आया जब रिमोट कंट्रोल वाली सरकार थी. आपका और महंगाई का पुराना रिश्ता है. 55 महीने में महंगाई दर 4 प्रतिशत में बंधी हुई है.

मिडिल क्लास के लिए हमने काफी कुछ किया. जीएसटी की बात तो कांग्रेस नहीं करे. हमने दरें घटाईं. इनकम टैक्स हमने 5 लाख तक किया. एजुकेशन लोन की दरें घटाईं. एलईडी बल्ब इतनी महंगा क्यों बिकता था. हमने लोगों का 50 हजार करोड़ रुपये का बिजली बिल बचाया. मुफ्त डायलिसिस व्यवस्था की. 5000 से ज्यादा जनऔषधि केंद्र खोले. 100 रुपये की दवाई 30 में मिल रही हैं.

# मोदी बोले – गरीब के इलाज की हमने चिंता की. आयुष्मान भारत शुरू किया. गरीब अस्पताल जाने से डरते थे. अब ऐसा नहीं है. सारे सांसदों की मदद हो गई. उनको अब राहत की चिट्ठी नहीं लिखनी पड़ती गरीबों के इलाज के लिए. सांसदों से कहता हूं कि ज्यादा से ज्यादा गरीबों को आयुष्मान का फायदा दिलवाइये.

संविधान संसोधन करके हमने 10 फीसदी गरीबों को आरक्षण दिया. बिना एससी-एसटी आरक्षण को छेड़े किया. इसके लिए सबका धन्यवाद देता हूं.

# मोदी रोजगार पर भी बोले. कहा – रोजगार का पता लगाने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी. देश में असंगठित क्षेत्र 80-90 फीसदी नौकरी देता है. संगठित क्षेत्र में 10-15 फीसदी नौकरियां हैं. सितंबर 2014 से 2018 तक. 1 करोड़ 80 लाख लोगों ने पहली बार पीएफ का पैसा कटाना शुरू किया. इसमें 28 साल से कम के लोग 65 प्रतिशत हैं. मार्च 2014 में 65 लाख लोगों को एनपीएस में रजिस्टर किया गया था. पिछले अक्टूबर में ये 1 करोड़ 20 लाख हो गई. क्या ये ऐसे ही हो गया. बिना नौकरी के. हर साल इनकम टैक्स भरने वाले 6 लाख 35 हजार नए प्रफेशनल जुड़े. ये प्रफेशनल क्या और लोगों को नौकरी नहीं देते होंगे. कोई डॉक्टर है, कोई सीए है. ये लोग भी तो नौकरी देंगे.


”हर साल इनकम टैक्स भरने वाले 6 लाख 35 हजार नए प्रफेशनल जुड़े. ये प्रफेशनल क्या और लोगों को नौकरी नहीं देते होंगे. कोई डॉक्टर है, कोई सीए है. ये लोग भी तो नौकरी देंगे.

अब असंगठित क्षेत्र की बात. ट्रांसपोर्ट सेक्टर में बीते 4 सालों में करीब 36 लाख बड़े ट्रक या कमर्शियल वाहन बिके. 1.5 करोड़ गाडियां बिकीं. 27 लाख नए ऑटो बिके. क्या ये सब पार्किंग में खड़े रहते हैं. क्या इनसे रोजगार नहीं मिला. मुद्रा योजना के तहत पहली बार लोन पाने वालों की संख्या सवा चार करोड़ लोगों से ज्यादा है. इन सभी ने काम शुरू किया है. मगर ये जॉब डेटा में नहीं हैं. 2 लाख कॉमन सर्विस सेंटर खुले हैं. क्या उसमें रोजगार नहीं मिला.

# किसानों पर मोदी बोले-आप एमएसपी में कितना पैसा लगाते थे. हम कितना लगाते हैं. आप जरा आंकड़े उठाकर देख लीजिए. आपने 10 साल के लिए सत्ता में बने रहने के लिए कर्जमाफी का हथकंडा अपनाया. 2009 चुनाव में जीतने के लिए आपने कर्जमाफी की घोषणा की. किसानों का कर्ज 6 लाख करोड़ का था. आपने माफ कितना किया. 52 हजार करोड़. ये जाता भी बैंक के बड़े लोगों को है. सीएजी की रिपोर्ट थी कि 52 हजार करोड़ रुपये में भी 35 लाख लोग ऐसे पाए गए जो इसके हकदार नहीं थे. किसान के लिए हमने 99 सिचाईं योजनाएं शुरू कीं जो लटकी पड़ी थीं. हमने नए फूडपार्क बनाए. किसानों के लिए बजट में 6000 रुपये वार्षिक देने की बात कही. ये योजना छोटे किसान तक पहुंचेगी. 12 करोड़ किसानों के खाते में सीधा पैसा जाएगा. कर्नाटक में आपने कहा था कि कर्जमाफी होगी. इसके लाभार्थी 43 लाख हैं. अभी तक केवल 60 हजार लोगों को लाभ मिला है.

10 दिन में कर्जमाफी की बात थी. राजस्थान और एमपी में अभी चिट्ठियां नहीं बन पाई थीं. आप 10 साल में एक बार 50-60 हजार माफ करते हैं. हमारी योजना प्रति वर्ष है. किसानों के हाथ में 7.5 लाख करोड़ रुपया जाएगा. हमने मछली पालन, पशु पालन वालों की चिंता की. किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ उनको भी मिलेगा. मछली वालों के लिए अलग मंत्रालय बनाया.

आज विश्वमंच पर भारत की बात सुनी जाती है. विश्व में कोई निर्णय होता है तो हमसे पूछा जाता है. पेरिस एग्रीमेंट हुआ तो हमसे पूछा गया. एनआरआई से हमने संपर्क साधा. बनारस में हमने सम्मेलन करवाया. सबसे ज्यादा प्रतिनिधि आए. कुंभ में सबको ले गए. पहले लोग डरते ते कि कहीं सांप्रदायिकता का दाग न लग जाए.

# भाषण खत्म करते हुए मोदी बोले कि 2014 में जिस मंजिल को लेकर हम निकले हैं. जिसके लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं. देश जिन बीमारियों में फंसा है, उसे ठीक करने का प्रयास हम करते रहेंगे. 1947 में जितने देश आजाद हुए, उन्होंने कितनी तरक्की की. और अपना देश कहां रह गया. इसमें आपके काम का लेखा जोखा है. अंत इन शब्दों के साथ हुआ –

सूरज आएगा भी तो कहां, उसे यहीं रहना होगा
यहीं हमारी सासों में, हमारी रगों में, हमारे संकल्पों में
तुम उदास मत हो, मैं किसी भी सूरज को नहीं डूबने दूंगा…

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