एयर फोर्स की सर्जिकल स्ट्राइक पर क्या बोलीं पाक की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार?

हिना रब्बानी खार ने आईओसी में भारत को गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर बुलाने का विरोध किया और कहा कि मोहम्मद अली जिन्ना ने हिंदुत्व से बचाने के लिए ही इस मुल्क को बनाया था और उसी हिंदुत्व को आज मोदी आगे बढ़ा रहे हैं.

26 फरवरी, 2019. सुबह के करीब 3:30 बजे इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की. इसके बाद पाकिस्तान में हंगामा मच गया. सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ मीडिया तक पर भारत के खिलाफ बयानबाजी होने लगी. पाकिस्तान के नेता भी उल्टे-सीधे बयान देने लगे. और जब पाकिस्तान सरकार पर दबाव बढ़ा तो संसद का विशेष सत्र बुला लिया गया. वहां भी जमकर हंगामा हुआ. पूरे विपक्ष ने एक सुर में इमरान खान और सत्ताधारी तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी को घेरने की कोशिश की. और सबसे ज्यादा घेरा पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने.

संसद में बोलते हुए हिना रब्बानी खार ने कहा कि इस वक्त पाकिस्तान में इमरजेंसी जैसे हालात हैं. प्रधानमंत्री इमरान खान को संसद में आना चाहिए और उन्हें बयान देना चाहिए.


हिना रब्बानी खार ने कहा-
”संसद सिर्फ बहस करने की जगह नहीं है. ये 20 करोड़ पाकिस्तानियों की आवाज है. पाकिस्तान के लिए आगे का रास्ता क्या होगा, ये सिर्फ कुछ लोग तय नहीं करेंगे, बल्कि पूरे पाकिस्तान से चुनकर आए हुए लोग करेंगे. दुर्भाग्य से पाकिस्तान की यही गलती है. सरकार को ये देखना चाहिए कि पाकिस्तान की जनता क्या चाहती है. आज एक देश ने पाकिस्तान पर गुस्सा दिखाया है. पाकिस्तान पर एलओसी पारकर हमला किया गया है. भारत ने ये जो किया है, उसने अपने देश के लोगों की आवाज सुनी है. भारत ऐसा मुल्क है, जहां गायों के लिए लोगों को मार दिया जाता है और हमें बताया जाता है कि वो अच्छा मुल्क है. ये इंडिया मोदी का इंडिया है और आक्रामक इंडिया है.”


हिना रब्बानी खार ने पाकिस्तानी सत्ताधारी पार्टी से मांग की है कि पाकिस्तानी संसद का जॉइंट सेशन बुलाया जाए और संसद को ये बताया जाए कि सरकार भारत के खिलाफ क्या ऐक्शन ले रही है.


हिना रब्बानी खार ने कहा-
”इंडिया ने दिखाया है कि उसे किस कदर गुस्सा आता है. इसलिए हमारा रिऐक्शन दूरअंदेशी होना चाहिए. लेकिन जब हमारी संप्रभुता पर खतरा हो, तो हमें ऐसा रिऐक्शन देना चाहिए कि भारत को सीख मिले कि हम अपनी रक्षा कर सकते हैं. लेकिन पाकिस्तान की संसद में ही न तो पाकिस्तान के विदेश मंत्री आ रहे हैं और न ही पाकिस्तान के रक्षा मंत्री आ रहे हैं, जो हमें ये बता पाएं कि हो क्या रहा है और पाकिस्तान क्या करने जा रहा है. पाकिस्तानी संसद के कहने पर हमने बड़े-बड़े फैसले लिए हैं, लेकिन आज पाकिस्तान की सरकार इस संसद में आकर ये नहीं बता रही है कि क्या हो रहा है. पाकिस्तान में इस वक्त इमरजेंसी के हालात है. इसलिए प्रधानमंत्री को दो मिनट के लिए ही सही, आकर बताना चाहिए. इसके दो दिन बाद, चार दिन बाद संसद का संयुक्त सत्र बुलाना चाहिए और संसद को बताना चाहिए कि क्या हो रहा है.”

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