रेल मंत्री ने वंदे भारत ट्रेन का वीडियो नौटंकी वाली स्पीड में क्यों पोस्ट किया?

क्या रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्विटर पर जान-बूझकर लोगों को गुमराह किया है? ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ की रफ़्तार को तेज दिखाने के लिए उन्होंने किसी और का वीडियो उठाया और उसके साथ छेड़छाड़. ऑरिजनल वीडियो को फास्ट फॉरवर्ड स्पीड में दिखाते हुए अपलोड किया. इसे नाटकीय तरीके से दिखाना कहते हैं माने नौटंकी टाइप्स. हालांकि इसमें नुकसान किसी का नहीं है. लेकिन जब घोषित तौर पर वंदे भारत एक्सप्रेस भारत की सबसे तेज स्पीड की ट्रेन हो, तो सिनेमा की तरफ वीडियो एडिट करके ट्रेन को आंधी-तूफान जैसे आता दिखाने का मतलब समझ में नहीं आता.

10 फरवरी को पीयूष गोयल ने ट्विटर पर एक वीडियो डाला. ये ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ की फुटेज थी. 15 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करने जा रहे हैं. ये ट्रेन नई दिल्ली से बनारस के बीच चला करेगी. गोयल ने अपने ट्वीट में लिखा-

देखिए भारत की पहली सेमी-हाई स्पीड ट्रेन जिसे कि ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत बनाया गया है. देखिए, वंदे भारत एक्सप्रेस किस तरह रोशनी की रफ़्तार से भाग रही है.

गोयल के इस ट्वीट को कई लोगों ने शेयर किया. वाहवाही होने लगी. खबरें बनने लगीं. मगर कई लोग थे, जो कॉमेंट कर रहे थे कि गोयल ने जो वीडियो डाला है वो असली नहीं है. कि इसकी रफ़्तार को बढ़ा दिया गया है.

सच क्या है?
हमें पीयूष गोयल के ट्वीट पर आया एक जवाब दिखा. ये किसी अभिषेक जायसवाल के ट्विटर हैंडल से किया गया है. अभिषेक ने लिखा है-

ये मेरा वीडियो है. ऑरिजनल वीडियो को दोगुनी रफ़्तार से फॉरवर्ड कर दिया गया है. जो भी आपका अकाउंट संभाल रहा है, वो पक्का मूर्ख है.

पीयूष गोयल के ट्वीट के जवाब में एक ट्वीट अभिषेक जायसवाल का भी है. उन्होंने लिखा है कि ये उनका वीडियो है, मगर इसकी ऑरिजनल स्पीड के साथ छेड़छाड़ की गई है (फोटो: ट्विटर)
पीयूष गोयल के ट्वीट के जवाब में एक ट्वीट अभिषेक जायसवाल का भी है. उन्होंने लिखा है कि ये उनका वीडियो है, मगर इसकी ऑरिजनल स्पीड के साथ छेड़छाड़ की गई है (फोटो: ट्विटर)

पीयूष गोयल का वीडियो ही उनकी चुगली कर रहा है
इस ट्वीट के साथ अभिषेक ने एक यूट्यूब लिंक भी लगाया है. इस लिंक पर क्लिक करने से ‘द रेल मेल’ नाम के एक यूट्यूब पेज का लिंक खुलता है. यहां हमको 20 दिसंबर, 2018 को अपलोड किया गया एक वीडियो दिखता है. इस वीडियो पर वॉटरमार्क है. यानी जिसने डाला है, उसका ऑरिजनल फुटेज है ये. इस वीडियो का एक हिस्सा पीयूष गोयल के अपलोड किए गए वीडियो से मिलता है. इनमें एक अंतर है पर. पीयूष गोयल वाले वीडियो में ट्रेन की रफ़्तार काफी ज्यादा है. ‘द रेल मेल’ वाले वीडियो को आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके देख सकते हैं-

इसे देखकर मालूम होता है कि पहले ऑरिजनल वीडियो का एक चंक काटा गया. फिर इसकी एडिटिंग की गई. इसकी ऑरिजनल रफ़्तार को बढ़ा दिया गया. खुद पीयूष गोयल का वीडियो इस कारनामे की चुगली करता है.

दाईं तरफ ऑरिजनल वीडियो है, जिसमें वॉटरमार्क साफ दिख रहा है. बाईं तरफ वाले में ये धुंधला दिख रहा है, लेकिन इससे साफ हो जाता है कि ये वही वीडियो है.
दाईं तरफ ऑरिजनल वीडियो है, जिसमें वॉटरमार्क साफ दिख रहा है. बाईं तरफ वाले में ये धुंधला दिख रहा है, लेकिन इससे साफ हो जाता है कि ये वही वीडियो है.

इस वीडियो पर भी आपको ‘द रेल मेल’ वाले वीडियो का वॉटरमार्क दिखता है. देखने से लगता है मानो इसे फेड करने की कोशिश की गई हो. ये भी हो सकता है कि क्वॉलिटी खराब होने की वजह से वॉटरमार्क धुंधला गया हो.

ये फ्रेम देखिए. ये वही फ्रेम है, जिसका इस्तेमाल पीयूष गोयल के डाले गए वीडियो में हुआ है. ये ऑरिजनल वीडियो 20 दिसंबर को अपलोड किया गया था (फोटो: द रेल मेल, यूट्यूब)
ये फ्रेम देखिए. ये वही फ्रेम है, जिसका इस्तेमाल पीयूष गोयल के डाले गए वीडियो में हुआ है. ये ऑरिजनल वीडियो 20 दिसंबर को अपलोड किया गया था (फोटो: द रेल मेल, यूट्यूब)

‘द रेल मेल’ वाले वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिखा है-

ट्रेन 18 का दूसरा ट्रायल आज दिल्ली-आगरा रूट पर हुआ. ट्रेन ने 181 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ़्तार पकड़ी. संभावना है कि 26 जनवरी को PM नरेंद्र मोदी झंडी दिखाकर इसे वाराणसी के लिए रवाना करेंगे. दिल्ली-इलाहाबाद/प्रयागराज रूट पर 29 दिसंबर को ट्रायल होगा.

ये 'द रेल मेल' के यूट्यूब का होमपेज है. बाईं तरफ वो ट्विटर हैंडल का लिंक दिख रहा है. इसपर क्लिक करने से अभिषेक जायसवाल का ट्विटर हैंडल खुलता है.
ये ‘द रेल मेल’ के यूट्यूब का होमपेज है. बाईं तरफ वो ट्विटर हैंडल का लिंक दिख रहा है. इसपर क्लिक करने से अभिषेक जायसवाल का ट्विटर हैंडल खुलता है.

पीयूष गोयल पर लग रहे इल्ज़ाम सही लगते हैं
अभिषेक का कहना है कि ट्रायल वाले दिन उन्होंने ये वीडियो बनाया था. ‘द रेल मेल’ भारतीय रेल का कोई आधिकारिक पेज नहीं है. मगर इस पर जानकारियां रेलवे से ही जुड़ी हैं. पेज के होम पेज पर बाईं तरफ ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम हैंडल का लिंक है. इसके ट्विटर वाले लिंक पर क्लिक करने से अभिषेक जायसवाल का ट्विटर हैंडल खुलता है. यानी अभिषेक का दावा सही लगता है. और ये आरोप भी सही लग रहे हैं कि पीयूष गोयल वाला वीडियो ऑरिजनल नहीं, एडिटेड है. जो शायद ट्रेन को ‘रोशनी की रफ़्तार’ जैसा तेज दिखाने की कोशिश में किया गया.

पीयूष गोयल ने एक साथ कई गुनाह कर दिए
पीयूष गोयल ने ऑरिजनल वीडियो में छेड़छाड़ करके गलत तरीके से पेश किया. वो भी रेल मंत्री के आधिकारिक अकाउंट्स से. इसके अलावा एक और गंभीर गुनाह ये भी किया कि किसी और का वीडियो बिना उसकी अनुमति के, बिना उसे क्रेडिट दिए उड़ा ले गए और उसे गलत तरीके से भी पेश किया.

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